Eidain Ki Namaz, Azan Aur Ikamat Ke Bagair Padijayegi









ईदैन की नमाज़, अज़ान और इक़ामत के बग़ैर अदा की जाएगी:

Hadees

जाबिर बिन समुरह रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि मैंने नबी ﷺ के साथ ईदैन की नमाज़ कई बार बग़ैर अज़ान और इक़ामत के पढ़ी। (मुस्लिम किताबुल् इदैन: बाब तर्कल् अज़ान वल् इक़ामतिस् सलातिल् इदैन)
ईदैन में अल्लाह के रसूल ﷺ सूरतुल् फ़ातिहा के बाद पहली रक्अत में सूरह (क़ॉफ़) और दूसरी रक्अत में सूरह (क़मर) पढ़ा करते थे। (मुस्लिम: सलातुल् इदैन: बाबु मा युक़रा बिहि फ़िस् सलातिल् ईदैन) और कभी आप ﷺ सूरह फ़ातिहा के बाद पहली रक्अत में सूरतुल् अअ्ला और दूसरी रक्अत में सूरह अल-ग़ाशिया पढ़ते थे। (मुस्लिम: अल-जुमुअह: मा युक़रा फ़िल् जुमुअह)

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