(اَللّٰھُمَّ مِنْکَ وَلَکَ تَقْبَلْ مِنِّی وَأَھْلِ بَیْتِی)
(अल्लाहुम्म मिन्क व लक तक़ब्बल् मिन्नी व अहलि बैती)
तर्जुमा: ऐ अल्लाह यह तेरी ही तरफ़ से है और तेरी ही रज़ा के लिए है, इसे तू मेरी और मेरे घर वालों की तरफ़ से क़ुबूल फ़रमा।
फिर (बिस्मिल्लाहि वल्लाहु अकबर) कह कर छुरी तेज़ी से चला दें।


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