Agar Qurbani dusaronki taraf se karani hoto (Sahee Ahadees)












अगर क़ुर्बानी दुसरे की तरफ़ से करनी हो तो

Hadees





(اَللّٰھُمَّ مِنْکَ وَلَکَ تَقْبَلْ مِنْ)
(अल्लाहुम्म मिन्क व लक तक़ब्बल् मिन
के बाद उस शख़्स का नाम लें जिसकी जानिब से क़ुर्बानी की जा रही हो, फिर
(बिस्मिल्लाहि वल्लाहु अकबर) कह कर छुरी तेज़ी से चला दें। (अबू दाऊद, इरवाउल ग़लील रक़म 1138 ज. 4 स. 350 क़ालल अल्बानी: सहीह)
मुसलमान ख़ातून का अपनी क़ुर्बानी के जानवर को ज़बह करना जाएज़ है:
अबू मूसा रज़ियल्लाहू अन्हु ने अपनी बेटियों को हुक्म दिया कि वह अपनी क़ुर्बानियां ख़ुद ज़बह करें। (बुख़ारी: किताबुल् अज़ाही)।

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